ऐसे सिस्टम जो देखते हैं, समझते हैं और काम करते हैं
Cognix Vision AI-आधारित वीडियो प्रोडक्ट्स डिज़ाइन और इंजीनियर करता है — शहर भर के सर्विलांस और ट्रैफिक मैनेजमेंट से लेकर उस एनालिटिक्स तक, जो हर कैमरे को एक सेंसर बना देती है।
हमारा अपना वीडियो मैनेजमेंट सॉफ़्टवेयर, जो आज प्रोडक्शन में चल रहा है। ब्राउज़र-बेस्ड, मल्टी-साइट, और ऐसा बना हुआ कि कैमरों की संख्या बढ़ने पर भी तेज़ बना रहे।
हमारा ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंट्रल सर्वर। हर जंक्शन से ANPR रीड, हेलमेट और स्पीड वायलेशन एक ही जगह सिंक होते हैं — नंबर प्लेट, कैमरा या तारीख से खोजे जा सकते हैं।
एक्सेस कंट्रोल, अटेंडेंस और वॉचलिस्ट के लिए फेस रिकग्निशन। एनरोल किए गए लोगों से लाइव मिलान, और अनजान चेहरों या VIP/ब्लैकलिस्ट मैच पर अलर्ट।







एडमिन, ऑपरेटर और सिर्फ़ देखने वाले यूज़र्स के लिए रोल-आधारित साइन-इन। सिस्टम की सेहत एक नज़र में — ऑनलाइन कैमरे, स्टोरेज, हाल के इवेंट और सर्विस स्टेटस। मल्टी-टाइल कैमरा वॉल, ग्रुप, साइक्लिंग, टूर और एक क्लिक में फ़ुल स्क्रीन। 24 घंटे की टाइमलाइन स्क्रब करें, किसी टाइमस्टैम्प पर जाएँ, बुकमार्क करें और क्लिप एक्सपोर्ट करें। गंभीरता के हिसाब से एनालिटिक्स इवेंट, क्लिप प्रीव्यू, CSV एक्सपोर्ट और PDF रिपोर्टिंग के साथ। स्टोरेज, कैमरे, यूज़र और एनालिटिक्स सेटिंग — हर ड्राइव के लिए अलग रिटेंशन (कितने दिन रखना है) नियम। चेन ऑफ़ कस्टडी: किसने कौन-सा फुटेज देखा या डाउनलोड किया, साथ में अपटाइम और बैकअप स्टेटस।
लाइव कैमरा वॉल मल्टी-साइट ग्रुप रिकॉर्डिंग और प्लेबैक इवेंट अलर्ट ऑडिट ट्रेल







कैप्चा से सुरक्षित साइन-इन, और फ़ील्ड इंजीनियरों के लिए अलग इंस्टॉलर एंट्री पॉइंट। कंट्रोल सेंटर व्यू: ऑनलाइन जंक्शन, लाइव कैमरे, बिना देखे गए इवेंट और हाल की गतिविधि। ट्री से कोई भी जंक्शन चुनें और उसके कैमरे 1×1 से लेकर 6×6 वॉल तक खोलें। हर ANPR रीड और वायलेशन — प्लेट क्रॉप, स्पीड, प्राथमिकता, क्लिप और एक्नॉलेजमेंट स्थिति के साथ। टाइमलाइन बताती है कि क्या सेंट्रल सर्वर पर है और क्या अब भी सिर्फ़ जंक्शन पर है, फिर MP4 एक्सपोर्ट करें। जंक्शन, कैमरे, ज़ोन, एनालिटिक्स, रिटेंशन और FIFO, स्टोरेज, रोल और ब्रांडिंग — सब एक जगह। मॉड्यूल और लेवल से फ़िल्टर होने वाला सिस्टम लॉग — हर एक्शन, किसने किया और किस IP से।
जंक्शन और कैमरा मैप ANPR नंबर प्लेट सर्च वायलेशन इवेंट सेंट्रल + जंक्शन रिकॉर्डिंग सिस्टम लॉग





इमेज-कैप्चा वाला साइन-इन, सिक्योरिटी, HR और रिसेप्शन के लिए अलग-अलग यूज़र रोल के साथ। ऑनलाइन कैमरे, वॉचलिस्ट अलर्ट, अनजान चेहरे और सिस्टम लोड — साथ में लाइव फेस स्ट्रीम। कैमरों को सिंगल, क्वाड या फ़ुल-स्क्रीन मैट्रिक्स में लगाएँ और मैच रीयल टाइम में आते देखें। हर डिटेक्शन को व्यक्ति, कैमरा, वॉचलिस्ट या एट्रिब्यूट से खोजें — या फ़ोटो अपलोड करके वह चेहरा ढूँढें। पीक घंटे, बार-बार आने वाले लोग और दिन, हफ़्ते व महीने भर के डिटेक्शन ट्रेंड।
व्यक्ति एनरोलमेंट वॉचलिस्ट और अलर्ट अटेंडेंस और एक्सेस विज़िटर लॉग फेस सर्च
1x1 से लेकर मल्टी-टाइल लेआउट, फ़ुल-स्क्रीन मोड, साइक्लिंग और टूर — ताकि ऑपरेटर वही देखें जो ज़रूरी है।
रिकॉर्ड किया फुटेज स्क्रब करें, टाइमस्टैम्प से जाएँ, घटनाओं को बुकमार्क करें और कई चैनल एक साथ चलाएँ।
लाइव इवेंट फ़ीड, कैमरा अप/डाउन स्टेटस के साथ — कोई स्ट्रीम गिरे तो पता घंटों में नहीं, सेकंडों में चलता है।
कैमरे साइट मैप पर दिखते हैं, ताकि कंट्रोल रूम ऑपरेटर एक क्लिक में जगह से सीधे फ़ीड तक पहुँच जाए।
कैमरों को ब्रांच, प्लांट या शहर के हिसाब से बाँटें। हर ग्रुप अलग से चलता, रुकता और रिकॉर्ड करता है।
कैमरा ऑनबोर्डिंग, रिटेंशन नियम, यूज़र रोल और पूरा ऑडिट लॉग — किसने क्या किया, कब किया।
एडमिन, ऑपरेटर और व्यूअर रोल, हर ग्रुप के लिए अलग अनुमति, और साथ में लाइसेंस मैनेजमेंट।
सिस्टम की सेहत, स्टोरेज उपयोग और स्ट्रीम आँकड़े एक ही पेज पर — किसी के पूछने से पहले।
किसी एक को अलग से लें या सबको मिलाकर पूरी प्रोडक्ट टीम बना लें — इंजीनियरिंग का अनुशासन वही रहता है।
डिटेक्शन, रिकग्निशन, OCR, क्वालिटी इंस्पेक्शन और वीडियो एनालिटिक्स — आपके माहौल के हिसाब से ट्यून किए गए, एज पर या क्लाउड में चलते हुए।
प्रेडिक्टिव मॉडल, फ़ोरकास्टिंग, रेकमेंडेशन इंजन और LLM-आधारित असिस्टेंट — आपके अपने डेटा और वर्कफ़्लो पर ट्रेन किए गए।
तेज़, सुलभ और SEO-तैयार वेबसाइट, पोर्टल और डैशबोर्ड — मार्केटिंग साइट से लेकर जटिल इंटरनल प्लेटफ़ॉर्म तक।
Android और iOS दोनों पर चलने वाले ऐप — ऑफ़लाइन सपोर्ट, साफ़ UX और जहाँ ज़रूरी हो वहाँ नेटिव परफ़ॉर्मेंस।
कंटेनराइज़्ड डिप्लॉयमेंट, CI/CD पाइपलाइन, मॉनिटरिंग और AWS, Azure या GCP पर कम खर्च वाला इंफ़्रास्ट्रक्चर।
पाइपलाइन, वेयरहाउस और फ़ैसले लेने वाले डैशबोर्ड, जो बिखरे हुए ऑपरेशनल डेटा को एक भरोसेमंद तस्वीर में बदल देते हैं।
हमारे ज़्यादातर सिस्टम एक ही ढाँचे पर चलते हैं। इसीलिए वे साफ़-सुथरे तरीके से इंटीग्रेट होते हैं और सालों बाद भी संभालने लायक रहते हैं।
कैमरे, सेंसर, फ़ॉर्म, ERP एक्सपोर्ट — आपका डेटा जहाँ भी पहले से मौजूद है।
क्लीनिंग, एनरिचमेंट और स्ट्रीमिंग पाइपलाइन, जो बिना रोज़ाना देखरेख के चलती रहती हैं।
विज़न और ML मॉडल, एज पर या क्लाउड में डिप्लॉय किए गए, ड्रिफ़्ट मॉनिटरिंग के साथ।
डैशबोर्ड, अलर्ट और नियम, जो जवाब सही व्यक्ति के सामने रख देते हैं।
आपके ERP, CRM या MES में API, ताकि काम वहीं हो जहाँ पहले से हो रहा है।
तकनीक हर जगह एक जैसी होती है। समस्या कभी नहीं — इसलिए हम टूलकिट से नहीं, आपकी प्रक्रिया से शुरू करते हैं।
लाइन की रफ़्तार पर चलने वाला विज़न-आधारित इंस्पेक्शन, और साथ में प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, जो सेंसर पैटर्न पढ़कर मशीन खराब होने से पहले वर्क ऑर्डर उठा देता है। ऑपरेटर को पाँच नहीं, एक स्क्रीन मिलती है।
मौजूदा कैमरे ही माप का ज़रिया बन जाते हैं — फ़ुटफ़ॉल, क्यू की लंबाई, ठहरने का समय और खाली शेल्फ़ — और इनसे बनती है वह स्टोर-परफ़ॉर्मेंस तस्वीर, जिसे मैनेजर महीने में नहीं, रोज़ देखते हैं।
लाइव व्हीकल ट्रैकिंग, रूट रीप्ले, ड्राइवर स्कोरिंग और डिजिटल डिलीवरी प्रूफ़ — सब एक ही प्लेटफ़ॉर्म में। कंट्रोल रूम के लिए वेब, ड्राइवर के लिए मोबाइल।
OCR के साथ LLM वैलिडेशन लेयर इनवॉइस, परचेज़ ऑर्डर और फ़ॉर्म पढ़ती है, उन्हें आपके नियमों से जाँचती है, और साफ़ एंट्री सिस्टम ऑफ़ रिकॉर्ड में डाल देती है।
हम तकनीक की सूची से नहीं, आपकी बिज़नेस समस्या से शुरू करते हैं। हर काम की शुरुआत एक छोटे डिस्कवरी चरण से होती है, ताकि जो हम बनाएँ उसे उन्हीं नतीजों पर मापा जाए जो आपके लिए मायने रखते हैं — लागत, रफ़्तार, एक्युरेसी, रेवेन्यू।
सोर्स, मॉडल और डॉक्युमेंटेशन अंत में आपको सौंप दिए जाते हैं — न लाइसेंस की जकड़न, न कोई ब्लैक बॉक्स।
हर दो हफ़्ते में एक चलता हुआ हिस्सा, लाइव दिखाया हुआ। आप शुरू में ही दिशा बदल सकते हैं, हैंडओवर पर नहीं।
अलर्टिंग, लॉगिंग और मॉडल-ड्रिफ़्ट जाँच, ताकि दिक्कत आपके यूज़र के बताने से पहले सामने आ जाए।
चार साफ़ चरण, तय चेकपॉइंट, और बीच में कुछ भी छिपा हुआ नहीं।
हम आपका वर्कफ़्लो, डेटा और सीमाएँ समझते हैं, फिर तय करते हैं कि सफलता किस पैमाने पर मापी जाएगी।
आर्किटेक्चर, UX फ़्लो और एक चलता हुआ प्रोटोटाइप — ताकि आप शुरू में ही किसी असली चीज़ पर राय दे सकें।
दो-हफ़्ते के स्प्रिंट, लाइव डेमो, ऑटोमेटेड टेस्टिंग और लगातार डिप्लॉयमेंट।
लॉन्च, मॉनिटरिंग, ट्यूनिंग और विस्तार — SLA और अगली तिमाही के रोडमैप के साथ।
“कोड की एक लाइन लिखने से पहले उन्होंने हमारे शॉप फ़्लोर की हकीकत समझी। इंस्पेक्शन सिस्टम ने छह महीने में ही अपनी लागत निकाल दी।”
“हर हफ़्ते के डेमो का मतलब था कि अंत में कोई बुरा सरप्राइज़ नहीं मिला। अब हमारे रीजनल मैनेजर सबसे पहले डैशबोर्ड ही खोलते हैं।”
“साफ़ कोड, साफ़ डॉक्युमेंटेशन, और एक टीम जो फ़ोन उठाती है। हमारे अपने डेवलपर्स ने बिना किसी दिक्कत के काम संभाल लिया।”
ऐसे माहौल में AI लगाते हुए हमने जो सीखा, जो इसके लिए बने ही नहीं थे।
रोशनी, कैमरे की जगह और लेबल की क्वालिटी, मॉडल आर्किटेक्चर से ज़्यादा नतीजे तय करती हैं। एक फ़ील्ड चेकलिस्ट।
लेटेंसी, बैंडविड्थ की लागत और डेटा-रेज़िडेंसी नियम — एक आसान डिसीज़न टेबल में तुलना।
पायलट कितना बड़ा हो, क्या मापें, और कब रुकें — गैर-तकनीकी स्पॉन्सर के लिए लिखा गया।
बताइए कि आपके बिज़नेस को क्या धीमा कर रहा है। हम ईमानदारी से बताएँगे कि तकनीक इसका सही जवाब है या नहीं — और अगर है, तो उसमें क्या लगेगा।